इस वरदान को पूरा करने के लिए भगवान् विष्णु को लेना पड़ा कृष्ण रूप में जन्म ..

वैसे तो हमारे भारत देश में पुराणिक कथाओ का बहुत ज्यादा महत्व है ! खास कर जब किसी भगवान् या देवता से सम्बन्धित त्यौहार आता है तब हम इन पुराणिक कथाओ का उच्चारण जरूर करते है ! वैसे तो हर भगवान की कथा की अपनी अलग महत्ता है पर सबसे ज्यादा रोचक कथाये भगवान् श्री कृष्ण की सुनने को मिलती है ! अगर देखा जाये तो जन्माष्टमी भी अभी अभी विदा लेकर गयी है ऐसे में श्री कृष्ण जी की वो गाथा जिसे शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा और जो आपको पढ़ने में बहुत आनंदमय लगेगी उसके बारे में बताते है !

श्री कृष्ण का जनम कैसे हुआ और क्यूं हुआ ये तो सभी जानते है पर इस गाथा में श्री कृष्ण ने किस प्रकार अपना वचन पूरा करने हेतु मानव रूप में जीवन लिया उसका बड़ा ही सुंदर बखान पढ़ने को मिलेगा ! अब ये तो सबको मालूम है कि कृष्ण जी का देवकी माँ द्वारा हुआ था और उनका पालन पोषण यशोदा मैया द्वारा किया गया था ! ऐसे में एक सवाल ये खड़ा होता है कि यदि कृष्ण जी चाहते तो वो सीधे तौर पर यशोधा मैया द्वारा जनम ले सकते थे पर इसकी एक बहुत बड़ी वजह है ! अब ये तय है कि वो वजह जानने के लिए आप सब बड़े उत्सुक होंगे ! तो सुनिये आखिर क्या कारण था ?

memy

इस कारण श्री कृष्ण ने लिया था देवकी माँ की गर्भ से जन्म ..इसके पीछे एक बहुत पुराणिक गाथा है ! दरअसल अपने पिछले जन्म में जब कृष्ण जी विष्णु अवतार में थे तब देवकी जी उनकी बहुत बड़ी भक्त थी और देवकी ने ये वरदान माँगा था कि उन्हें विष्णु जी जैसा पुत्र मिले ! तब कृष्ण जी अवतार रूप में स्थापित थे इसलिए वे देवकी जी का वरदान पूरा नहीं कर सकते थे ! पर उन्होंने देवकी जी को वचन दिया कि द्वापर युग में वे देवकी माँ के गर्भ से जन्म लेकर पृथ्वी पर आएंगे ! इसलिए देवकी जी का पूर्वजन्म का वरदान सत्य करने के लिए ही कृष्ण जी यानि विष्णु जी ने मानव रूप में देवकी माँ के गर्भ से ही जन्म लिया और अपना वचन पूरा किया ! यही वजह है कि वो यशोदा और देवकी दोनों के पुत्र कहलाते है ! इसलिए शायद उन्हें सबसे प्रिय भगवान् भी कहा जाता है !

About Ankita Singh

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*