अमीर हो कर भी गरीब है तिरुपति बालाजी, पढ़े ये पूरी कहानी…

यू तो अब तक आपने बहुत से मंदिरो के बारे सुना होगा पर क्या आपने कभी ये सुना है कि भगवान् भी अमीर या गरीब हो सकते है ! जी हा आज हम आपको ऐसे ही एक मंदिर के बारे में बताने जा रहे है ! दरअसल हम बात कर रहे है तिरुपति बालाजी की जो वैसे तो सबसे धनवान है पर सब देवताओ से थोड़े गरीब समझे जाते है ! अब आप सोच रहे होंगे कि भला भगवान् भी अमीर या गरीब हो सकते है ! जो सबकी इच्छाये पूरी करते है वो कैसे गरीब हो सकते है ! तो आइए हम बताते है कि आखिर इसके पीछे रहस्य है क्या ? ..

गौरतलब है कि तिरुपति जी की अपनी एक प्राचीन कथा है ! जिसके मुताबिक बालाजी कलयुग के अंत तक कर्ज में रहेंगे। बालाजी के ऊपर जो कर्ज है उसी कर्ज को चुकाने के ल‌िए यहां भक्त सोना और बहुमूल्य धातु एवं धन दान करते हैं। वैसे आपको बता दे कि शास्‍त्रों के अनुसार कर्ज में डूबे व्यक्त‌ि के पास क‌ितना भी धन हो वह गरीब ही होता है। इस व्यथा के अनुसार ही यह माना जाता है क‌ि बालाजी धनवान होकर भी गरीब हैं !

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अब सवाल ये उठता है कि तिरुपति जी इस क़र्ज़ में डूबे कैसे ? इसकी भी अपनी एक गाथा है ! जो आज हम आपको बताएंगे ! प्राचीन कथा के अनुसार हुआ कुछ यू कि एक बार महर्ष‌ि भृगु बैकुंठ पधारे और आते ही शेष शैय्या पर योगन‌िद्रा में लेटे भगवान व‌िष्‍णु की छाती पर एक लात मारी। भगवान व‌िष्‍णु ने तुरंत भृगु के चरण पकड़ ल‌िए और पूछने लगे क‌ि ऋष‌िवर पैर में चोट तो नहीं लगी। बस फिर क्या था भगवान व‌िष्‍णु के इतना कहते ही भृगु ऋष‌ि ने दोनों हाथ जोड़ ल‌िए और कहने लगे प्रभु आप ही सबसे सहनशील देवता हैं ! इसल‌िए यज्ञ भाग के प्रमुख अध‌िकारी आप ही हैं। लेक‌िन देवी लक्ष्मी को भृगु ऋष‌ि का यह व्यवहार पसंद नहीं आया और वह व‌िष्‍णु जी से नाराज हो गई। नाराजगी इस बात से थी क‌ि भगवान ने भृगु ऋष‌ि को दंड क्यों नहीं द‌िया। सिर्फ इतना ही नहीं नाराजगी में देवी लक्ष्मी बैकुंठ छोड़कर भी चली गई। भगवान व‌िष्‍णु ने देवी लक्ष्मी को ढूंढना शुरु क‌िया तो पता चला क‌ि देवी ने पृथ्‍वी पर पद्मावती नाम की कन्या के रुप में जन्म ल‌िया है। भगवान व‌िष्‍णु ने भी तब अपना रुप बदल लिया और पद्मावती के पास पहुँच गए । भगवान ने पद्मावती के सामने व‌िवाह का प्रस्ताव रखा ज‌िसे देवी ने स्वीकार कर ल‌िया। पर तब एक और सवाल खड़ा हो गया ! वो ये कि विवाह के लिए धन कहा से आएगा ?

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