मिट्टी के बर्तनों में खाना खाने और बनाने से जुड़ी इन 8 बातों को जरूर जानिए

6. ऊष्मा प्रतिरोधी (Heat Resistant)

आम धारणा के विपरीत मिट्टी के इन बर्तनों में ऊष्मा को अवशोषित करने की क्षमता तांबे और लोहे के बर्तनों के मुकाबले ज्यादा नहीं होती इसलिए ज्यादा गरम होने पर इनके टूटने का खतरा रहता है. लेकिन धीमी आंच पर आसानी से इनमें खाना बनाया जा सकता है. आप इनमें रोज़ाना दाल, चावल और सब्ज़ी पका सकता हैं. भोजन को पकाते समय सूर्य का प्रकाश और हवा का स्पर्श होना आवश्यक है.

भोजन को अधिक तापमान में पकाने से उसके शूक्ष्म पोषकतत्त्व नष्ट हो जाते हैं. भोजन को प्रेशर कुकर में पकाने से भोजन पकता नहीं है, बल्कि भाप और दबाव के कारण टूट जाता है, जिसे हम पका हुआ भोजन कहते है. इनकी सबसे अच्छी बात ये है कि इनको आप माइक्रोवेव में ही इस्तेमाल कर सकते हैं.

7. दूध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त

आपने मिष्टी दोई या दही तो ज़रूर खाया होगा, बंगालियों की तो सबसे पसंदीदा चीज़ होती है ये. लेकिन मिष्टी दोई खाने के लिए आपको बंगाल जाने की जरूरत नहीं है. आप अपने घर पर मिट्टी की हांडी में इसे बना सकते हैं. इसी तरह आप इसमें नॉर्मल दही भी जमा सकते हैं. अगर आप इसमें गरमा गर्म दूध डालकर पिएंगे तो आपको दूध बहुत ही स्वादिष्ट लगेगा और आप हमेशा ऐसे ही दूध पीना चाहेंगे क्योंकि मिट्टी की खुशबू दूध के स्वाद को दोगुना कर देगी.

8. कितने प्रकार के होते हैं मिट्टी के बर्तन

मिट्टी के ये बर्तन कई तरह के मिलते हैं. जिनमें सिरेमिक, क्ले, क्रीमवियर पॉट्स और पैन्स या टेराकोटा के बने हुए बर्तन मिल जाएंगे. इनकी कई तरह की रेंज आपको मिल सकती है. आप अपनी ज़रूरत के हिसाब से इनका चुनाव कर सकते हैं और इनसे मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ हासिल कर सकते हैं.

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अगर आप भी जीना चाहते हैं स्वस्थ जीवन तो ज्यादा से ज्यादा मिट्टी के बर्तनों का प्रयोग करें. बहुत ही कम लोग इस बात को मानेगें लेकिन ये बात तो सच है कि यदि शरीर को रोगमुक्त और लंबी उम्र तक जीना है, तो मिट्टी के बर्तनों में खाना बनाने की आदत डालें.

 

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2 comments

  1. Please hume batayenge ye mitti ke bartan kahan milenge kaunsi website pe uplabdh hai

  2. विनोद प्रजापति

    धन्यवाद जी मेरी न्यूज़ देने के लिए

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