भगवान श्री राम के अलावा इन 4 लोगो से भी हारा था रावण …

3.राजा बलि से रावण की हार..

राजा बलि पाताल लोक के राजा थे ! पर रावण ने राजा बलि को भी युद्ध के लिए उत्तेजित किया जिस कारण पाताल लोक के राजा ने रावण से युद्ध लड़ा ! एक बार रावण, राजा बलि से युद्ध करने के लिए पाताल लोक में उनके महल तक पहुंच गया था। वहां पहुंचकर रावण ने बलि को युद्ध के लिए ललकारा, उस समय बलि के महल में खेल रहे बच्चों ने ही रावण को पकड़कर घोड़ों के साथ अस्तबल में बांध दिया था। इस प्रकार राजा बलि के महल में रावण की हार हुई। ज़रा सोचिये जब राजा बलि के महल के बच्चे इतने बहादुर थे तो राजा बलि से युद्ध होने पर रावण की क्या दशा होती !

4.शिव जी से रावण की हार ..

कहते है जब किसी का बुरा समय आता है तब इंसान का अहंकार ही उसे ले डूबता है और रावण के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ ! ये तो सबको मालूम है कि रावण शक्तिशाली था और उसे अपनी शक्ति पर घमंड भी था ! इसलिए एक बार जब रावण इस घमंड के नशे में शिवजी को हराने के लिए कैलाश पर्वत पर पहुंचा तो रावण ने शिवजी को युद्ध के लिए ललकारा, लेकिन महादेव तो ध्यान में लीन थे। रावण कैलाश पर्वत को उठाने लगा। तब शिवजी ने पैर के अंगूठे से ही कैलाश का भार बढ़ा दिया, इस भार को रावण उठा नहीं सका और उसका हाथ पर्वत के नीचे दब गया। बहुत प्रयत्न के बाद भी रावण अपना हाथ वहां से नहीं निकाल सका। तब रावण ने शिवजी को प्रसन्न करने के लिए उसी समय शिव तांडव स्रोत रच दिया। शिवजी इस स्रोत से बहुत प्रसन्न हो गए और उसने रावण को मुक्त कर दिया। मुक्त होने के पश्चात रावण ने शिवजी को अपना गुरु बना लिया। शायद इसके बाद ही शिव जी ने रावण को वरदान की प्राप्ति दी थी ! क्यूकि रावण ने शिव जी को प्रसन्न करने के लिए घोर तपस्या की थी !

वैसे तो आज के समय में भी रावणो की कमी नहीं है पर आज के रावण को हराने के लिए कोई देवता धरती पर नहीं है ! शायद इसे पढ़ने के बाद ही लोगों को समझ आ जाये कि अहंकारी और बुराई का कैसा अंत होता है !

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