भगवान श्री राम के अलावा इन 4 लोगो से भी हारा था रावण …

इस देश में शायद ही कोई ऐसा व्यक्ति होगा जो रामायण और महाभारत की गाथा न जानता हो ! रामायण में रावण की कहानी भी सबको मालूम है और ये भी मालूम है कि कैसे राम जी ने रावण से युद्ध करके उन्हें हराया था ! पर क्या आप जानते है कि राम जी के इलावा और भी कई ऐसे देवता और योद्धा है जिनसे रावण हारा था ! चलिए अगर आपको नहीं पता तो हम आपको बताते है क्यूकि भारत का पूरा इतिहास तो सबको मालूम होना ही चाहिए न ! तो आइए जानते है कि आखिर रावण इनसे कैसे और क्यूँ हारा था !

1.बालि से रावण की हार..

रामायण में बालि जी की शक्तिशाली छवि के बारे में कौन नहीं जानता ! और यही वजह है कि जब रावण ने उन्हें ललकारा तो उन्हें क्रोध आ गया ! दरअसल एक बार रावण बालि जी से युद्ध करने के लिए पहुंच गया था। बालि उस समय पूजा कर रहे था। रावण बार-बार बालि को ललकार रहा था, जिससे बालि की पूजा में बाधा उत्पन्न हो रही थी। जब रावण नहीं माना तो बालि ने उसे अपनी बाजू में दबा कर चार समुद्रों की परिक्रमा की थी। बालि बहुत शक्तिशाली था और इतनी तेज गति से चलता था कि रोज सुबह-सुबह ही चारों समुद्रों की परिक्रमा कर लेता था। इस प्रकार परिक्रमा करने के बाद सूर्य को अर्घ्य अर्पित करता था। जब तक बालि सूर्य की परिक्रमा करते रहे और सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते रहे तब तक उन्होंने रावण को अपने बाजू में ही दबाकर रखा था। रावण ने बहुत प्रयास किया, लेकिन वह बालि की गिरफ्त से आजाद नहीं हो पाया। पूजा के बाद बालि ने रावण को छोड़ दिया था। इस प्रकार बालि जी से रावण की हार हो गयी थी ! हालांकि रावण जीवित जरूर था पर वो इसलिए क्यूकि बालि जी ने उन्हें जीवित छोड़ दिया था !

2.सहस्त्रबाहु अर्जुन से रावण की हार,,

भले ही अर्जुन महाभारत के युद्ध में शामिल थे पर उन्होंने रावण को भी युद्ध में हरा दिया था ! वो ऐसे कि असल में सहस्त्रबाहु अर्जुन के एक हजार हाथ थे और इसी वजह से उनका नाम सहस्त्रबाहु पड़ा था। जब रावण सहस्त्रबाहु से युद्ध करने पहुंचा तो सहस्त्रबाहु ने अपने हज़ारो हाथों से नर्मदा नदी के बहाव को रोक दिया था। सहस्त्रबाहु ने नर्मदा का पानी इकट्ठा किया और पानी छोड़ दिया, जिससे रावण पूरी सेना के साथ ही नर्मदा में बह गया था। इस पराजय के बाद भी एक बार फिर रावण सहस्त्रबाहु से युद्ध करने पहुंच गया था, तब सहस्त्रबाहु ने उसे बंदी बनाकर जेल में डाल दिया था।

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