महिला नागा साधुओ से सम्बंधित कुछ रोचक तथ्य

पुरुष नागा साधुओं की तरह ही महिला साधुओं (संन्यासिनों) के लिए भी अखाड़े में कुछ नियम बनाए गए हैं, जिनका पालन करना होता है। यह नियम भी पुरुषों के जितने कठोर है। आइए जानते है महिला नागा साधुओं से जुड़ी खास बातें…

1. सन्यासिन बनने से पहले महिला को 6 से 12 साल तक कठिन बृह्मचर्य का पालन करना होता है। इसके बाद गुरु यदि इस बात से संतुष्ट हो जाते है कि महिला बृह्मचर्य का पालन कर सकती है तो उसे दीक्षा देते है।

2. महिला नागा सन्यासिन बनाने से पहले अखाड़े के साधु-संत महिला के घर परिवार और पिछले जीवन की जांच-पड़ताल करते है।

3. महिला को भी नागा सन्यासिन बनने से पहले खुद का पिंडदान और तर्पण करना पड़ता है।

4. जिस अखाड़े से महिला सन्यास की दीक्षा लेना चाहती है, उसके आचार्य महामंडलेष्वर ही उसे दीक्षा देते है।

 

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