भारत का वैदिक गणित जानकार हैरान रह जाएगे…

वैदिक गणित भारत का सबसे पुरान गणित विज्ञान है, यह विज्ञान ऋषि- मुनियों ने हमें दिया था। जब लोग गिनती भी नहीं जानते थे तब हमारे वैज्ञानिक कठिन से कठिन गणनायें किया करते थे। वैदिक गणित आज भी बहुत कुछ सिखाता है यह गणित की गणनायों को बहुत ही कम समय में हल कर देता है।। जानते हैं वैदिक गणित के बारे में।।

वैदिक गणितः चुटकियों में बड़ी-बड़ी गणनाएँ

भारत में कम ही लोग जानते हैं, पर विदेशों में लोग मानने लगे हैं कि वैदिक विधि से गणित के हिसाब लगाने में न केवल मजा आता है, उससे आत्मविश्वास मिलता है और स्मरणशक्ति भी बढ़ती है।

जर्मनी में सबसे कम समय का एक नियमित टेलीविजन कार्यक्रम है विसन फोर अख्त। हिंदी में अर्थ हुआ ‘आठ के पहले ज्ञान की बातें।’ देश के सबसे बड़े रेडियो और टेलीविजन नेटवर्क एआरडी के इस कार्यक्रम में, हर शाम आठ बजे होने वाले मुख्य समाचारों से ठीक पहले, भारतीय मूल के विज्ञान पत्रकार रंगा योगेश्वर केवल दो मिनटों में ज्ञान-विज्ञान से संबंधित किसी दिलचस्प प्रश्न का सहज-सरल उत्तर देते हैं। कुछ दिन पहले रंगा योगेश्वर बता रहे थे कि भारत की क्या अपनी कोई अलग गणित है? वहाँ के लोग क्या किसी दूसरे ढंग से हिसाब लगाते हैं?

भारत में भी कम ही लोग जानते हैं कि भारत की अपनी अलग अंकगणित है, वैदिक अंकगणित। भारत के स्कूलों में वह शायद ही पढ़ाई जाती है। भारत के शिक्षाशास्त्रियों का भी यही विश्वास है कि असली ज्ञान-विज्ञान वही है जो इंग्लैंड-अमेरिका से आता है।

आगे पढ़े मिस्त्र और यूनान से भी पुराना है वैदिक गणित…

पिछला1 of 4अगला

About Sanatan Times

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*